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क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं? 

Mahak Phartyal - sayacare blogs

Content Writer

Published on 25-5-2026

•

1 min read

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भारत में आम को उसके मीठे स्वाद की वजह से अक्सर “फलों का राजा” कहा जाता है। लेकिन इसकी मिठास के कारण कई लोगों को लगता है कि आम खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। इसी डर की वजह से डायबिटीज़ के कई मरीज आम खाने से बचते हैं। ऐसे में स्वाद और सेहत के बीच एक सवाल हमेशा बना रहता है: क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए मैंने ऐसी स्टडीज़ देखीं जिनमें आम और ब्लड शुगर के बीच के संबंध को समझने की कोशिश की गई है। इसके नतीजे काफी दिलचस्प रहे। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि सिर्फ मिठास के आधार पर किसी चीज़ को डायबिटीज़ बढ़ाने वाला नहीं माना जा सकता। इसके लिए उसके पोषण तत्वों और खास तौर पर उसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स को समझना जरूरी है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

क्या मिठास का डायबिटीज़ से सच में कोई संबंध है?

आम मीठा होता है, इसलिए अक्सर लोगों को लगता है कि इसे खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि स्वाद में काफी मीठा होने के बावजूद आम में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जो लगभग 88.4 ग्राम होती है। वहीं, 100 ग्राम आम में केवल 7.77 ग्राम शुगर पाई जाती है। [1]

यह बात उन धारणाओं से बिल्कुल अलग है जो ज्यादातर लोग आम के बारे में रखते हैं।

अगर किसी खाद्य पदार्थ से ब्लड शुगर कितना बढ़ सकता है, यह केवल उसकी मिठास से तय नहीं होता, तो फिर किस चीज़ पर ध्यान देना चाहिए? इसका जवाब उसके कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) में छिपा है।

डॉक्टर अक्सर कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं। आम की बात करें तो इसमें 100 ग्राम में केवल 8.4 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।

डायबिटीज़ के मरीजों को अपने कार्बोहाइड्रेट सेवन पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए जिनमें प्रति 100 ग्राम 15 ग्राम से अधिक कार्बोहाइड्रेट हो।

साथ ही, American Diabetes Association भी डायबिटीज़ के मरीजों को अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देता है। 

नीचे आम की पोषण संबंधी जानकारी दी गई है [2]

क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं

किसी खाद्य पदार्थ से ब्लड शुगर कितनी तेजी से बढ़ सकती है, इसे समझने का दूसरा तरीका उसका Glycemic Index (GI) है। GI यह बताता है कि कोई भोजन खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कितनी तेजी से प्रभावित करता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स के बारे में अधिक जानने के लिए क्लिक करें।

आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) क्या होता है? 

नीचे ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) की श्रेणी दी गई है:

  • लो GI वाले खाद्य पदार्थ: 0–55  
  • मीडियम GI वाले खाद्य पदार्थ: 56–69  
  • हाई GI वाले खाद्य पदार्थ: 70 या उससे अधिक

आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 48 होता है, जो यह दर्शाता है कि यह एक लो GI फल है।

इसका मतलब है कि आम शरीर में धीरे-धीरे पचता और अवशोषित होता है, जिससे सीमित मात्रा में खाने पर ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।

ऊपर दिए गए दोनों हिस्सों में “क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं?” इस सवाल का जवाब आम के पोषण तत्वों और उसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर समझाया गया है।

अब अगले भाग में हम वास्तविक स्टडीज़ और उनके परिणामों के बारे में जानेंगे, जिनमें इंसानों के ब्लड शुगर पर आम के प्रभाव को समझने की कोशिश की गई है।

क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं?

इस सवाल का स्पष्ट जवाब जानने के लिए मैंने इंसानों पर की गई स्टडीज़ को देखा, जिनका उद्देश्य यह समझना था कि आम खाने से ब्लड शुगर पर क्या प्रभाव पड़ता है। मैंने दो महत्वपूर्ण स्टडीज़ का विश्लेषण किया, जिनमें एक राष्ट्रीय और एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन शामिल था। अंतरराष्ट्रीय स्टडी में प्री-डायबिटीज़ वाले लोगों को शामिल किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्टडी में स्थिर टाइप 2 डायबिटीज़ वाले मरीजों पर अध्ययन किया गया था।

ब्रेड जैसे सामान्य कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों की तुलना में परिणाम लगभग समान पाए गए। निष्कर्ष इस प्रकार रहे:

1. ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी नहीं हुई

नियंत्रित मात्रा में, यानी एक बार में 50 ग्राम यानी लगभग 3–4 स्लाइस से अधिक नहीं, आम खाने से ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी नहीं देखी गई।

2. मेटाबॉलिक फायदे भी देखने को मिले

दिलचस्प बात यह रही कि सीमित मात्रा में आम खाने का संबंध शरीर के वजन और कमर के घेराव में कमी से भी देखा गया।

तो सवाल “क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं?” का जवाब है, हां। डायबिटीज़ वाले लोग आम खा सकते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। बेहतर होगा कि एक बार में 50 ग्राम से अधिक आम का सेवन न किया जाए।

निष्कर्ष

मीठा होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कोई खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाएगा, और आम इसका एक अच्छा उदाहरण है। डायबिटीज़ के मरीजों को किसी भी भोजन का मूल्यांकन केवल उसकी मिठास के आधार पर नहीं करना चाहिए, बल्कि उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर भी ध्यान देना चाहिए।

आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी संतुलित होती है। इसके साथ ही, आम कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में मदद कर सकता है।

Tags:क्या डायबिटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं
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